26th Day :: Some thoughts from me

  • "If you can't be the best then just be Different, you will be best"...!
  •  I strongly feel a need of career councelar  for students of 12th , who can guide about what should they do next on the basis of his performance, interest & job opportunity in the interested field.
  • what should we do for our country? We should believe in us, search for what we have at that time (instead of waiting for any special thing) & then use it for humanity.
  • May be it seems that we have only a zero while world have 1 to 9, still we(the Indians) have more important thing because without our zero the world can't earn even 10 rupees.
  • If we are right then we should fight with what we have instantly instead of waiting for any special thing or condition.
  • God gives us sometimes  unfavourable condition or the condition in which we are weak, because he wants to make us perfect.
  •  The greatest teacher in the world is your biggest enemy. because he throws u in a condition of 'Do or Die'. i.e. either be mighty & fight with him or accept death. There is no other condition more favourable than it for your Personality Development. Even this condition is only chance to know your weaknesses & show your power to the world.
  • Never follow the people by seeing only their majority or trend. Because their is no use of one more particle of sand in Dessert. Instead their need water. so want to be a drop of water in dessert. because even this small quantity of water may save a life.
  • We should not mean the word 'Angrez' as white faces instead we should mean it as the men who have looted us in the past including the men who are looting us in the present..!
  • For the works we think right, apply 'Do it now' & for the works we think wrong apply 'i will do it later or next time'.
  • Political tricks are like the arrows to which when we give space in our heart, it 1st kills our heart.
  • 'अच्छा देखो, अच्छा सुनो और अच्छा बोलो' instead of  'बुरा मत कहो,बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो'. दोनों लगते एक जैसे वाक्य हैं लेकिन उनमें एक minute difference है। क्योंकि मेरा मानना है कि जैसे हम सड़क पर गड्ढा देखे बिना उससे बाख नहीं सकते, ठीक उसी तरह बुराई से बचने के लिए हमें उसे देखना होगा। तभी हम उस बुराई से बच सकते हैं और उसे सुधार सकते हैं । बस हमें इतना सजग रहना होगा कि हम उस बुराई को कहीं अपना न लें ..!
  • अगर हम दूसरों की समस्या को सुलझाते हैं तो इसका मतलब है कि हम अपनी तरफ बढ़ते हुए एक खतरे को दूर से ही समाप्त कर रहे हैं अन्यथा अगले ही दिन वो समस्या हमारे सामने आ जायेगी और तब हमारी मदद करने वाला भी कोई नहीं मिलेगा।
  • जो चीज जितनी ही कीमती होती है , व्यक्ति उसे उतनी ही मज़बूत तिजोरी में रखता है। शायद इसीलिए दुनिया में कई नर्म दिल वाले बाहर से कठोर दिखाई देते हैं।
  • हमारी ये आदत है कि हम गन्दगी फैलाने वाले को तो कुछ नहीं कहते , मगर उसी गन्दगी को साफ़ करने वाले से घृणा करते हैं।
  • इस बात पर मुझे शायद थोडा संशय भले ही हो कि  भगवान वास्तव में है या नहीं , लेकिन इस बात पर मुझे तनिक भी संशय नहीं कि  जो लोग खुद को भगवान् घोषित करते हैं , वो कभी भगवान् नहीं हो सकते। बल्कि मैं  तो कहूँगा कि उनको इंसान भी कहलाने का हक नहीं है .
  • अच्छी या बुरी चीज़ें नहीं होती बल्कि लोगों की मानसिकता होती है। अच्छी मानसिकता वो है जिसका उद्देश्य सही हो और बुरी मानसिकता वो है जिसका उद्देश्य गलत हो। इसी तरह सही उद्देश्य वो है जिसमें अधिक से अधिक अच्छे  लोगों का अधिक से अधिक समय के लिए फायदा हो। कम से कम दूसरों के अहित की कीमत पर अपना फ़ायदा  न छुपा हो , वर्ना यही मानसिकता (दूसरों के अहित की कीमत पर अपना फ़ायदा लेने की प्रवृत्ति) बुरी बन जाती है !

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