57th Day :: Psychology behind some ideologies

(1)   बड़ों के सामने और भगवान  के सामने सर झुकाना चाहिए।
सच्चाई :- ऐसे वाक्य सीधे -साधे लोगों को कमजोर बनाकर उनसे गुलामी कराने के लिए कहे जाते हैं। बचपन में माँ - बाप के पैर छूने से शुरू हुआ यह सिलसिला आगे भगवान् ,फिर पंडित जी ,फिर गुरु , फिर डॉक्टर ,मंतरी ,विधायक ,पुलिस , जमींदार से होते हुए सड़क छाप दबंग तक पहुँच जाता है और सीधा -साधा आदमी जन्म से लेकर मौत तक सबके सामने नतमस्तक रहता है। और उसके झुके होने का फायदा उठाते हुए ये चालाक और बुरे लोग ज़िन्दगी भर उस भले आदमी की पीछे से मारते रहते हैं और वो सज्जनता के बोझ तले  दबा कभी विरोध भी नहीं कर पाता। 
 interesting बात ये है कि माता -पिता बच्चे का भला चाहते हुए भी ज़िन्दगी भर बच्चा ही बनाये रखना चाहते हैं।  वे उसे  कभी अपने पैरों पर खड़ा होने और दूसरों की गलत बातों का विरोध करना नहीं सिखाते। जहाँ तक भगवान् की बात है तो भगवान् को अच्छे लोगों को अपने क़दमों में झुकाने में अगर  ख़ुशी मिलती तो वो कभी आदमी को चार पैरो की जगह सर उठाकर दो पैरों पर चलने की काबिलियत ही नहीं देता।  हाँ बुरे लोगो को झुकाना चाह सकता है , वो भी सिर्फ इसलिए की वो अपने घमंड को छोड़कर सुधरने का प्रयास करें। 

2 -  बुरा मत देखो ,बुरा मत सुनो ,बुरा मत कहो 
सच्चाई :-  गाँधी जी के इस वाक्य का आशय था कि 'अच्छा बोलो ,अच्छा देखो और अच्छा कहो '  लेकिन आज इसका मतलब ये बना दिया गया कि अगर कहीं भी कुछ बुरा हो रहा है तो 'गूँगा ,बहरा और अँधा बन जाओ।  '

3 -  Be bold ,glamouras for parties and fashion shows :-
सच्चाई :-  boldness का सीधा मतलब साहस से होता है।  लेकिन फैशन और फिल्मों की दुनिया में इस शब्द का इस्तेमाल कपडे उतारने की capacity के लिए किया जाता है। इस प्रोत्साहन की वजह होती है कि  लड़कियों का रवैया लचीला हो जाए और वो इनके प्रोडक्ट के प्रचार और फिल्मो को मसालेदार बनाने के लिए कपडे उतारने के लिए आसानी से तैयार हो जाएँ।  इसी प्रोत्साहन के चलते आगे चलकर     लडकियां  पार्टियां ,नशा करते हुए open sex से होते हुए पोर्न की दुनिया तक पहुच जाती हैं और इस तरह से इन लोगों को  अपनी हर ज़रुरत के लिए आसानी से लडकियां मिल जाती हैं। 

4 - मर्द बनो -(नशा ,रेप ,ह्त्या के लिए) 
सच्चाई :-  इस मानसिकता का इस्तेमाल महिलाओं और कमजोरों पर अत्याचार करवाने के लिए किया जाता है।
 अगर कोई अपनी पत्नी की हेल्प करता है तो लोग कहते हैं कि कैसे आदमी हो, पत्नी की सेवा करते हो ?मर्द बनो ! बाहुबली अपने चमचों को किसी आदमी को परेशान करने,वसूली करने,पीटने या ह्त्या करने और किसी औरत को छेडने या रेप करने के लिए यही कह कर उकसाता है और इस तरह अपना काम निकालता है। नशा करने के लिए भी लोग यही slogan अपनाते हैं।
एक आसान उदाहरण देता हूँ जो लोग higer education के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी गए होंगे उनको रैगिंग के दौरान लड़कियों को छेड़ने को कहा जाता है और यही स्लोगन दोहराया जाता है।  

5- बलि प्रथा :- 
सच्चाई :-    ये प्रथा लोगों को क्रूर बनाने के लिए की जाती है ,जिससे बलि देने वाले में कोई दया की भावना न बचे।  राजाओं के समय में ये प्रथा जरूरी थी। क्योकि राज्य की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी। लेकिन आज ऐसे क्रूर लोगों की कोई जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे क्रूर लोग समाज के लिए समस्या ही ज्यादा बनते हैं। 
6- forgive bad people for your peace of mind, eye for an eye will make the whole world blind :-
truth :- ऐसी सोच बुरे लोगों के लिए ढाल का काम करती है और इससे उनका मनोबल बढ़ता है। वो सोचते हैं कि अच्छे लोग कमजोर और बेवक़ूफ़ हैं।  वो सोचते हैं कि मैंने उसको परेशान किया फिर भी वो कुछ नहीं कर पाया अब मैं उसकी आँख भी फोड़ दूंगा तो भी वो कुछ नहीं करेगा और स्लोगन में ही उलझा रहेगा। असल में बुरे लोगो की आँखे घमंड से बंद होती है जिससे वो अच्छाई नहीं देख पाते।  इसलिए उनकी आँखें खोलने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी होता है। 
7- कर्म करो ,फल की इच्छा मत करो :-
सच्चाई :-  तुम जिंदगी भर मेरी सेवा करो और बदले में कुछ मत मांगो।  मतलब कि जिंदगी भर के लिए मेरे बंधुआ मजदूर बन जाओ। 
8- धर्म की रक्षा ,जातिवाद ,सम्प्रदायवाद ,क्षेत्रवाद आदि के नाम पर गोलबंदी :-  ऐसी बातों द्वारा गलत लोग अपनी रक्षा , सेवा ,वोट या दूसरे स्वार्थों को पूरा करने के लिए भोले -भाले लोगों को इस्तेमाल करते हैं। 
* मैँ यहाँ ये नहीं कह रहा क़ि ये सभी नियम गलत हैं। मैं बस ये कह रहा हु कि बुरे लोग इनका गलत इस्तेमाल करते हैं। 

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