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78th Day :: Solution to clashes between Hinduism and Islam

हम जानते हैं कि हिंदू और मुस्लिम धर्म के नियम और मान्यताएं लगभग विपरीत है । लेकिन सिर्फ इसी वजह से इन धर्मों के बीच दीवार खड़ी करना उचित नहीं है । भारत में ही ढेरों विभिन्न संप्रदाय, जातियां और उपजातियां हैं जिनके नियम और मान्यताएं अलग अलग हैं। उदाहरण के लिए पंजाबी, बंगाली, गुजराती, मराठी आदि मुख्य हैं जिनकी नियम और मान्यताएं एक दूसरे से मेल नहीं खाती। इसलिए सिर्फ इन्हीं विभिन्नताओं के आधार पर इनके मानने वालों के बीच दीवार खड़ी करना ठीक नहीं है। और फिर भारत तो एक ऐसा देश है जहां हर 4 मील पर भाषा और वातावरण बदल जाता है तो आज इन विभिन्नताओं के आधार पर देश के कितने टुकड़े करेंगे ?  जरा सोचिए! ........ जय हिंद  ..…..

77th post :: Ram Mandir/Babri masjid in Ayodhya matter

1. यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला है जिस पर कुछ भी बोलने से पहले काफी सोच विचार करना जरूरी है। फिर भी मेरे ख्याल से इसकी शुरुआत मुगल काल से करना सही होगा। मुगल काल में कुछ‌ क्रूर मुगल शासकों ने कई मंदिरों को तोड़ दिया वहीं कुछ उदार मुगल शासकों ने हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपने अधीन राज्य में स्थित मंदिरों को पूरी तरह ना तोड़ कर आधे हिस्से में मंदिर भी बनवाया। इसलिए इस समस्या का पहला हल यही है कि अयोध्या में हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में आधा मंदिर और आधा मस्जिद बनवाया जाए। 2. इस समस्या का दूसरा हाल यह है कि अयोध्या में राम मंदिर बना दिया जाए क्योंकि सभी जानते हैं कि रामचंद्र जी का जन्म अयोध्या में हुआ था और यह बात किसी से भी छिपी नहीं है कि बाबरी मस्जिद में कितने मुसलमान नमाज पढ़ने जाते हैं। इसलिए जायज यही होगा कि मुसलमान उदारता दिखाएं और अपने हिंदू भाइयों को मंदिर बनाने के लिए स्वयं आमंत्रित करें। इससे हिंदू समाज में मुसलमानों की इज्जत भी बढ़ेगी। ३. तीसरा विकल्प है कि सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास किया जाए और उसके फैसले का सम्मान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट जब भी, जो भी ...

74th day :: truth of 'truth'

हम जो भी ज्ञान प्राप्त करते हैं वो अपनी ज्ञानेन्द्रियों द्वारा सुन ,देख, महसूस करके , स्पर्श करके आदि के द्वारा ही करते हैं। इसलिए हमारे लिए truth इन्हीं ज्ञानेन्द्रियों पर आधारित होती है।      किसी वस्तु, स्थान, व्यक्ति, आदि के बारे में हमारी 'सूचना' में हमारी कितनी ज्ञानेन्द्रियाँ , कितनी बार शामिल है वो निर्धारित करती है कि वो सूचना कितनी true है।    i.e. मेरा नाम ओम है।मैं एक लड़का हूँ लेकिन अगर कोई मुझसे कहे कि मेरे  जैसे body  या figure वाले को लड़का नहीं लड़की कहते हैं तो मैं उनका solid uppose करूंगा है और कहूँगा   की   क्या वो पागल हो गया है ?   लेकिन पूरा शहर यही बात कहे तो ? तो फिर मैं एक बार सोचूंगा कि मैं कहीं गलत तो नहीं ?  लेकिन अगर पूरा देश यही बात  बोले तो ?  साथ ही प्रधानमंत्री जी टीवी पर स्पष्टीकरण देते हैं कि अभी तक लड़की को लड़के और लड़के को  लड़की की तरह  संबोधित किया जा रहा था ।तब मेरे पास खुद को लडकी कहलवाने के सिवाय कोई ऑप्शन नहीं  बचेगा। * Truth जितने आयामों से और ज...

65th day ::: जीत-हार का क्रम :: कितनी सच्चाई कितना भ्रम

कुछ दुर्भाग्यशाली लोगों (जिनके guardians लापरवाह होते हैं ) को छोड़कर बाकी सभी लोगों को जन्म से ही जीतना सिखाया जाता है। ऐसा करना पुरी तरह गलत भी नहीं है लेकिन हम जीतना सिखाते हुए ये सिखाना भूल जाते हैं कि जीत किस कीमत पर पाना चाहिए । हमें ये ध्यान देना चाहिए कि कहीं हम जीत से मिलाने वाले पैसे या ख़ुशी या सम्मान आदि से ज्यादा जीत हासिल करने के लिए गँवा तो नहीं रहे ?      आजकल दुनिया में ऐसी ही आपाधापी मची है। सबको जीत चाहिए चाहे उसके लिए कुछ भी कीमत चुकानी पड़े। ऐसे लोग ही अधिकतर कुछ चालाक लोगो का काम या तो प्यादा बनकर जीतने के लिए करते है या फिर किंग बनकर न हारने के लिए ही करते हैं। कीमत चुकाने के उदहारण के तौर पर देखें तो एक छोटी सी नौकरी पाने के लिए लोग 5-10 लाख तक रिश्वत देने को तैयार रहते हैं। चाहे उतनी रकम वसूलने में जिंदगी ही क्यों न गुजर जाए। दूसरे उदाहरण के तौर पर हम देख सकते है कि जीत और पैसे के लिए लोग कितना नीचे गिर जाते हैं।  यहाँ तक कि लोग murder , molestation  और rape से भी बाज नहीं आते। हमें किसी को जीतना सिखाने से पहले यह सिखाना चाहिए कि ...

60th Day. :: Love: from my point of view

Love is simply the god's grace on earth. True Love is to find someone who feels to you like everything, someone without which you can't find the happiness in your favourite music, without which you feel tatally alone even in the crowd, no taste feels in your favourite dishes. The two of them are like the two parts of zigsaw puzzle which makes a perfect picture after combined I.e. together they mean everything but without joining they mean nothing & as one of my friend has said that if one can love another not only when he sees others brighter side but after seeing darker side of that, then It's true Love..!

58th Day ::. Want to do Suicide; please do but do that slightly differently

I have explained before that suicide is also a type of decease and it can be cured as well as can be created also.  So if you are suffering from  suicidal thoughts then please contact a psychologist or psychiatrist. But what to do untill you contact the doctor? you know that bear doesn't kill or eat the dead person, death is also like this . when you get surrounded by suicidal thoughts, just close your eyes & suppose yourself as dead! Now think what is the use of your dead body? you will feel that dead body is of no use for you ,so decide that you will donate it to the world i. e. "after today i will never want anything for me because i'm dead & so i will do everything for others".  Try to sleep now. Next day as you arises first remember what you have decided yesterday then think "today before sleeping I will help atleast ten people... After helping others you will feel a great relief in evening because now you have no tension to do something for yourse...

50 th Day :: The Beuty of Cactus

लोग फूलों की खूबसूरती तो देखते हैं लेकिन काँटों की परवाह कोई नहीं करता।  मुझे तो गुलाब के फूलों के साथ-साथ उसके काँटों में भी खूबसूरती नज़र आती है और गुलाब के काँटों की खूबसूरती है कि वो कैसे उस फूल की सुरक्षा के लिए तत्पर रहता है। इसी तरह काँटों में भी सबसे खूबसूरत मुझे Cactus का पौधा लगता है और Cactus की सुंदरता है, जीवन जीने के लिए संघर्ष करने की उसकी क्षमता।     Cactus उस तपते रेगिस्तान में भी ज़िंदा रहता है जहाँ ज़मीन और पानी का कोई नामोनिशान नहीं होता और जैसे ही बदलते मौसम के साथ  पानी की दो बूँदें इसे मिलती हैं ये फिर से हरा हो जाता है और यहाँ तक कि इसमें फूल भी निकल आते हैं।                 हमें भी कैक्टस की तरह ही जीने की सीख लेनी चाहिए ।  हमें भी ज़िन्दगी में आने वाली तूफानी मुसीबतों  का सामना डटकर करना चाहिए, इनसे हार नहीं माननी चाहिए और जैसे ही अनुकूल समय आये हमें ज़िन्दगी का स्वागत मुस्कराकर करना चाहिए। 

49th Day ::- The Destiny : We should believe or not

कई बार (usually in films) जब किसी को ये कहते हुए सुनता था कि "we are here because it's our destiny", तो मैं ये सोचता था कि ये destiny क्या होती है।  अब काफी समय बाद जैसे थोड़ा-बहुत जान पाया हु थोड़ा-थोड़ा इसपर यकीन भी करने लगा हूँ। इसे prove करते हुए कुछ example मुझे दिखाई देते हैं। जैसे- लोहे की destiny है कि उसे कभी न कभी आग में गलाकर उससे औजार या हथियार बनाया जाएगा। इसलिए ये भी उसकी destiny है कि कभी-न-कभी वो लोहार या मैकेनिक के पास भी जरूर पहुँचेगा।  इसी तरह सोने की destiny है कि उसे आग में गलाया जायेगा , एसिड से जलाया जाएगा और साथ ही वो किसी औरत के श्रृंगार के लिए use  होगा। ऐसे ही  हीरे की destiny है कि उसे कई बार cut किया जाएगा और पोलिश किया जाएगा।                हमारी भी destiny कुछ-कुछ ऐसी ही है।  हमें भी अपने गुणों के अनुसार संसार में किसी विशेष जगह जाना पड़ता है और किसी विशेष type के व्यक्ति से मिलना पड़ता है।  बस हममें और निर्जीव वस्तुओं में एक फर्क ये है कि निर्जीव वस्तुएँ चुनाव नहीं करतीं लेकिन हम चुन...

11th day :: Benefits of certainty of death

Very-very thanx 2 god 4 making death 'certain',so that it is present in our mind as an universal truth which teaches us d way 2 live in many ways... 1. we know that our life is limited,so that we get forced 2 do d works  also in a fast way & enjoy d life more n more b4 it gets lapsed. As a result we get forced 2 leave our laziness ... 2. we know that whatever we do 2 save us 4m death, it will come certainly one day, then y fear 4m death. it makes us freeminded even in a very bad situation which allows us 2 think freely n make good decision in that bad situation when generally one's mind gets closed n couldn't be able 2 think anything.   Some other benefits r also may exist but this time my mind can't get more ...  buy....   Be cooool !