Posts

Showing posts with the label Education System

55th day :: Ragging :- we should bear or not

      हमारे higher -education Colleges में रैगिंग का चलन पुराना हो चूका है जो कि अंगेज़ों की देन है। अब  सवाल उठता है कि क्या ये सही है। मेरे ख्याल से ये नियम बनाया गया था कॉलेज में आने वाले नए स्टूडेंट्स में से कुछ उद्दण्ड स्टूडेंट्स को अनुशासन सिखाने  लिए। लेकिन अब तो रैगिंग लेने वाले सीनियर ही उद्दण्ड होते हैं तो वो दूसरों को क्या सिखाएंगे। हमें रैगिंग को स्वीकार नहीं करना चाहिए क्योंकि ये हमारे आत्मसम्मान को तोड़कर रख देता है। कुछ लोगों का मानना होता है कि रैगिंग में सहयोग करने से उन्हें सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। मैं इसे सही नहीं मानता। मैं  मानता हूँ कि अगर कोई सीनियर अच्छा है तो वह रैगिंग लिए बिना भी सहयोग करेगा और अगर बुरा है तो रैगिंग लेकर भी सहयोग नहीं करेगा।    इसलिए हमें बेफिक्र होकर पूरे जोर से रैगिंग का विरोध करना चाहिए। 

41th Day :: A new subject which can solve many problems if added to education system

आज हम कई बड़ी सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं और लोगों को सच्चाई , ईमानदारी , जिम्मेदारी आदि मौलिक गुणों को अपनाने के लिए तैयार नहीं कर पा रहे हैं तो इसके लिए education का सभी लोगों तक न पहुँच पाना और education system में कमी मुख्य वजह है। मेरे ख्याल से किसी भी education system का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और सही - गलत में फर्क करना सिखाना होता है। इसलिए मैं समझता हूँ कि किसी education system की सबसे बड़ी असफलता लोगों द्वारा गलत उद्देश्य चुनना होता है। हम जानते हैं कि अगर उद्देश्य सही हो तो उसे पाने के लिए अपनाया गया गलत रास्ता भी सही माना जाता है। हालाँकि हम व्यावसायिक शिक्षा को neglect नहीं कर सकते क्योंकि आज के दौर में रोजगार के लिए यह जरूरी है। लेकिन जिस तरह से आजकल व्यवहारिक शिक्षा को पूरी तरह neglect करके केवल ऐसी शिक्षा दी जा रही है वो गलत है। उद्देश्य का गलत होना या सही - गलत...